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गोवर्धन पूजा 2025: परंपरा, महत्व और पूजा विधि






गोवर्धन पूजा, दिवाली के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो प्रकृति, पृथ्वी माता और भगवान कृष्ण के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का पर्व है। इसे आमतौर पर दीपावली के दूसरे दिन मनाया जाता है और इस दिन गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है। मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने अपने गांव के लोगों को बारिश और तबाही से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत उठाया था, इसलिए इस दिन उनका स्मरण कर उनकी कृपा और आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।


गोवर्धन पूजा का महत्व

  1. धन और समृद्धि: इस दिन की गई पूजा से घर में समृद्धि और खुशहाली आती है।

  2. प्रकृति और पर्यावरण का सम्मान: गोवर्धन पर्वत की पूजा प्रकृति और माता पृथ्वी के प्रति आदर दर्शाती है।

  3. सौभाग्य और सुरक्षा: घर में सकारात्मक ऊर्जा और देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है।

  4. आध्यात्मिक लाभ: भगवान कृष्ण की भक्ति और ध्यान से मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति होती है।


गोवर्धन पूजा की विधि

सामग्री:

  • गोबर से बनी छोटी गोवर्धन प्रतिमा या मिट्टी का गोवर्धन

  • फूल, कंदमूल और हरी पत्तियाँ

  • हलवा, लड्डू और अन्य प्रसाद

  • दीपक, अक्षत (चावल), हल्दी और केसर

  • पानी और रंगोली के लिए रंग


पूजा विधि:

  1. स्थापना: घर के आंगन या पूजा स्थल पर मिट्टी/गोबर से गोवर्धन पर्वत का छोटा मॉडल बनाएं।

  2. सजावट: इसे फूल, हरी पत्तियों और रंगोली से सजाएं।

  3. ध्यान और मंत्र जाप: गोवर्धन पर्वत के सामने बैठकर भगवान कृष्ण का ध्यान करें और उनका नाम/मंत्र जाप करें।

  4. अर्पण: हलवा, लड्डू और अन्य प्रसाद गोवर्धन के चारों ओर रखें।

  5. दीप प्रज्वलन: पूजा स्थल पर दीप जलाएं और परिवार के सभी सदस्य मिलकर भजन या कीर्तन कर सकते हैं।

  6. अंतिम आशीर्वाद: पूजा के बाद प्रसाद सभी में बांटें और घर में सकारात्मक ऊर्जा का स्वागत करें।


शुभ मुहूर्त और दिन का महत्व

गोवर्धन पूजा आमतौर पर दीपावली के दूसरे दिन मनाई जाती है। यह दिन भक्ति, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। इसके साथ ही कई जगह इसे अन्नकूट के रूप में भी मनाया जाता है, जिसमें 56 से अधिक प्रकार के व्यंजन भगवान कृष्ण को अर्पित किए जाते हैं।


संदेश और आशीर्वाद

गोवर्धन पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह हमें प्रकृति के प्रति संवेदनशील और आभारी बनाती है। इस दिन की गई भक्ति और श्रद्धा से घर में समृद्धि, खुशहाली और शांति आती है।



शुभकामनाएँ:आप सभी को गोवर्धन पूजा 2025 की ढेरों शुभकामनाएँ। इस पावन पर्व पर अपने जीवन में धन, स्वास्थ्य और खुशहाली का आगमन हो!

 
 
 

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