top of page
Search

Mars Transit in Scorpio 2025 – जब ऊर्जा, रणनीति और परिवर्तन एक साथ सक्रिय होते हैं


परिचय – अग्नि जब जल में उतरती है

मंगल ऊर्जा, साहस और कर्म का प्रतीक है।वृश्चिक जल तत्व की राशि है, जो गहराई, रहस्य और पुनर्जन्म का संकेत देती है।जब अग्नि का ग्रह जल की राशि में प्रवेश करता है, तो यह केवल ग्रह गोचर नहीं, बल्कि एक गहन परिवर्तन का आरंभ होता है।

मंगल जब वृश्चिक में आता है, तो वह अपनी स्वयं की राशि में होता है।इसलिए इस समय इसकी शक्ति और प्रभाव दोनों चरम पर होते हैं।यह काल व्यक्ति के भीतर छिपे साहस, इच्छाशक्ति और आत्मबल को सक्रिय करता है।


गोचर का कालखंड और उसका अर्थ

अक्टूबर 2025 के अंतिम सप्ताह में मंगल वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा।लगभग पैंतालीस दिनों तक चलने वाला यह गोचर हमारे भीतर की ऊर्जा को नई दिशा देने का अवसर लाता है।यह समय गहराई में उतरकर निर्णय लेने, भय से मुक्ति पाने और आत्म-नियंत्रण सीखने का होता है।

मंगल वृश्चिक में हमें यह सिखाता है कि शक्ति तभी उपयोगी है जब उसमें संयम हो।यह गोचर कर्म को तीव्र करता है, परंतु साथ ही विवेक की परीक्षा भी लेता है।


सामान्य प्रभाव – शक्ति, भावनाओं और दिशा का मेल

इस अवधि में भावनात्मक और मानसिक दोनों स्तरों पर गहराई बढ़ेगी।लोग अपने निर्णयों को अधिक गंभीरता से लेंगे और किसी भी कार्य को अधूरा छोड़ना पसंद नहीं करेंगे।यह समय छिपी हुई संभावनाओं को बाहर लाने, अधूरे कार्यों को पूर्ण करने और आत्म-अनुशासन को विकसित करने का है।

व्यक्तिगत जीवन में यह गोचर आत्मविश्वास को बढ़ाता है,परंतु साथ ही यह क्रोध और असहिष्णुता की परीक्षा भी ले सकता है।इसलिए संतुलन बनाये रखना अत्यंत आवश्यक है।


जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर प्रभाव

कार्य एवं करियर:मंगल की यह स्थिति गहन एकाग्रता और उच्च प्रदर्शन की प्रेरणा देती है।नए प्रोजेक्ट, रिसर्च या रणनीतिक कार्यों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा।हालाँकि किसी भी निर्णय में जल्दबाज़ी न करें और सहयोगियों से संवाद बनाए रखें।

संबंध और भावनात्मक जीवन:यह गोचर संबंधों को सतहीपन से बाहर निकालकर गहराई देता है।यह समय ईमानदारी और स्पष्टता की मांग करता है।रिश्तों में स्थायित्व लाने के लिए संवाद और विश्वास आवश्यक रहेगा।

स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन:अत्यधिक मानसिक ऊर्जा कभी-कभी थकान या अनिद्रा का कारण बन सकती है।ध्यान, प्राणायाम और नियमित दिनचर्या से ऊर्जा को संतुलित रखें।जल तत्व से जुड़ी गतिविधियाँ जैसे तैराकी या ध्यान अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगी।

आध्यात्मिक विकास:यह गोचर आत्म-मंथन का अवसर देता है।व्यक्ति अपने भीतर छिपे भय, असुरक्षा या दबी हुई भावनाओं का सामना करता है।यही सामना धीरे-धीरे आत्म-बोध और अंतर्ज्ञान को मजबूत बनाता है।


आध्यात्मिक दृष्टिकोण

मंगल वृश्चिक में हमें यह याद दिलाता है कि वास्तविक विजय बाहर नहीं, भीतर होती है।यह गोचर हमारे अहंकार, भय और असुरक्षाओं को उजागर करता है ताकि हम उन्हें रूपांतरित कर सकें।जब व्यक्ति अपनी क्रोध और आवेग की शक्ति को उद्देश्य में बदल देता है, तभी वह आत्म-शक्ति को प्राप्त करता है।


उपाय और सुझाव (Practical Remedies for Mars Transit)

  1. अग्नि और जल का संतुलन साधें:सुबह सूर्योदय से पहले जल अर्पित करें और शाम को दीपक प्रज्वलित करें।यह अग्नि (मंगल) और जल (वृश्चिक) दोनों तत्वों को संतुलित रखता है।

  2. मंगलवार का उपवास या दान:इस गोचर काल में मंगलवार को लाल वस्त्र, मसूर दाल या गुड़ का दान शुभ फल देता है।इससे आवेग शांत होता है और कर्मफल में संतुलन आता है।

  3. ‘अभिमंत्रित जल’ से स्नान करें:स्नान जल में थोड़े से गुलाबजल या चंदन मिलाकर मंत्र जप के साथ स्नान करें।यह क्रोध और मानसिक अस्थिरता को शांत करता है।

  4. शक्ति साधना या हनुमान उपासना:“ॐ हनुमते नमः” या “ॐ भौमाय नमः” का नियमित जप मंगल की शक्ति को संतुलित करता है।इससे भीतर की अस्थिर ऊर्जा कर्म में बदलती है।

  5. लेखन या ध्यान को साधना बनाएं:मंगल वृश्चिक में विचारों को गहराई देता है — इस समय डायरी लेखन, ध्यान या कोई रचनात्मक साधना अत्यंत फलदायक सिद्ध होती है।


समापन संदेश – परिवर्तन के साथ जागरूकता

मंगल का वृश्चिक में गोचर आत्म-शक्ति के पुनर्जागरण का संकेत है।यह वह समय है जब भीतर की अग्नि को दिशा देना आवश्यक है।यदि आप अपनी ऊर्जा को संयम, धैर्य और कर्म के साथ जोड़ते हैं,तो यही गोचर आने वाले महीनों में आपको नई पहचान और सफलता दिला सकता है।



Pranaam Astro Sandesh:हर ग्रह की चाल एक संदेश है —शक्ति आपके भीतर है, आवश्यकता केवल दिशा की है।

अधिक जानकारी या व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण के लिए संपर्क करें:Email: pranaamastro@gmail.com

 
 
 

Comments


bottom of page